बकरी पालन आज छोटे और सीमांत किसानों के लिए सबसे तेज बढ़ने वाला व्यवसाय बन गया है। कम जगह, कम निवेश और जल्दी रिटर्न के कारण युवा और महिलाएं भी इस तरफ आकर्षित हो रहे हैं। साल 2026 में केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं के तहत बकरी फार्म शुरू करने वालों को भारी सब्सिडी मिल रही है। खासकर उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में 90 प्रतिशत तक अनुदान के साथ छोटी यूनिट से लेकर बड़े फार्म तक स्थापित करने का मौका है।
बकरी पालन क्यों बन रहा है आकर्षक विकल्प
बकरी पालन में निवेश जल्दी वसूल हो जाता है क्योंकि बकरियां कम समय में बच्चे देती हैं और उनका दूध, मांस तथा बिक्री से अच्छी आय होती है। ग्रामीण इलाकों में जहां खेती के साथ अतिरिक्त कमाई की जरूरत होती है वहां यह व्यवसाय परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है। सरकार भी इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है ताकि बेरोजगारी कम हो और पशुधन उत्पादन बढ़े।
2026 में कौन सी योजनाएं दे रही हैं सब्सिडी
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission) के तहत भेड़-बकरी पालन के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम चल रहा है। इसमें बड़े स्तर पर फार्म स्थापित करने वालों को 50 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी मिलती है जिसकी ऊपरी सीमा 50 लाख रुपये तक हो सकती है। कई राज्यों में विशेष योजनाओं के जरिए छोटी यूनिट पर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश में गरीब, भूमिहीन, महिलाओं और कोविड प्रभावित परिवारों के लिए खास प्रावधान हैं।
छोटी यूनिट पर 90 प्रतिशत सब्सिडी का फायदा
उत्तर प्रदेश सरकार की योजना में 1 नर और 5 मादा बकरियों की यूनिट पर कुल लागत 45,000 रुपये रखी गई है। इसमें लाभार्थी को सिर्फ 4,500 रुपये लगाने होते हैं जबकि बाकी 40,500 रुपये अनुदान के रूप में मिल जाते हैं। यह 90 प्रतिशत सब्सिडी छोटे किसानों और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतरीन मौका है।
- 1 नर व्यस्क बकरा और 5 मादा बकरियां शामिल
- कुल लागत 45,000 रुपये में से सिर्फ 10 प्रतिशत लाभार्थी अंश
- गरीब, भूमिहीन, विधवा और निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता
- सभी 75 जिलों में योजना लागू
बड़े फार्म के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी
जो किसान बड़े स्तर पर बकरी फार्म शुरू करना चाहते हैं उनके लिए NLM योजना बेहतर विकल्प है। न्यूनतम 100 मादा और 5-10 नर बकरियों की यूनिट से शुरू करके 500 तक बढ़ाया जा सकता है। प्रोजेक्ट लागत के 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है और अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध है।
सब्सिडी पाने के लिए क्या करें
सबसे पहले नजदीकी पशुपालन विभाग या बैंक से संपर्क करें। ऑनलाइन पोर्टल जैसे nlm.udyamimitra.in या राज्य के पशु चिकित्सा विभाग की वेबसाइट पर आवेदन किया जा सकता है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाएं और जरूरी दस्तावेज जमा करें। बैंक लोन मंजूर होने के बाद सब्सिडी दो किस्तों में मिलती है।
- आधार कार्ड, बैंक खाता और भूमि दस्तावेज तैयार रखें
- बकरी पालन का अनुभव या ट्रेनिंग प्रमाण पत्र हो तो फायदा
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट और लागत अनुमान बैंक को दें
- आवेदन के बाद फॉलोअप करते रहें
फार्म शुरू करने के बाद ध्यान रखने वाली बातें
अच्छी नस्ल की बकरियां चुनें, साफ-सुथरा शेड बनाएं और नियमित टीकाकरण करवाएं। चारे की व्यवस्था खुद करें तो खर्च कम होगा। बाजार में मांस और दूध की बिक्री के लिए लोकल संपर्क बढ़ाएं। शुरू में छोटी यूनिट से अनुभव लें फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं।
2026 में बकरी फार्म शुरू करने वालों के लिए यह सुनहरा मौका है। सही योजना चुनकर और सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाकर आप अपना सपना आसानी से पूरा कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए अपने जिले के पशुपालन अधिकारी से मिलें और जल्दी आवेदन करें ताकि इस साल ही फार्म शुरू हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
90 प्रतिशत सब्सिडी किस योजना के तहत मिल रही है?
उत्तर प्रदेश की विशेष बकरी पालन योजना में छोटी यूनिट (1+5) पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
बड़े फार्म पर कितनी सब्सिडी मिल सकती है?
National Livestock Mission के तहत 50 प्रतिशत सब्सिडी अधिकतम 50 लाख रुपये तक मिल सकती है।
आवेदन कैसे करें?
नजदीकी बैंक, पशुपालन विभाग या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ आवेदन करें।
क्या महिलाओं और SC/ST को विशेष लाभ है?
हां, कई योजनाओं में महिलाओं, SC/ST और गरीब वर्गों को प्राथमिकता और अतिरिक्त सुविधाएं दी जाती हैं
ट्रेनिंग कहां से मिलेगी?
राज्य पशु चिकित्सा विभाग या संबंधित योजना के तहत मुफ्त ट्रेनिंग का प्रावधान है।




